संज्ञा
परिभाषा: जिस शब्द से किसी व्यक्ति, वस्तु, स्थान, प्राणी या भाव का नाम पता चले, उसे संज्ञा कहते हैं।
सरल शब्दों में:
जो शब्द किसी का नाम बताए, वह संज्ञा है।
उदाहरण:
रामः (राम), बालकः (लड़का), पुस्तकम् (किताब), विद्यालयः (स्कूल), प्रेम (प्रेम), सुखम् (सुख), भयम् (डर), सौन्दर्यम् (सुंदरता), विद्या (ज्ञान)
वाक्य में प्रयोग:
- रामः विद्यालयं गच्छति। राम विद्यालय जाता है।
- बालकः पुस्तकम् पठति। बालक विद्यालय जाता है।
सर्वनाम
परिभाषा: जो शब्द संज्ञा के स्थान पर प्रयोग किए जाते हैं, उन्हें सर्वनाम कहते हैं।
सः (वह – पुल्लिंग), सा (वह – स्त्रीलिंग), तत् (वह – नपुंसकलिंग), अहम् (मैं), त्वम् (तुम)
वाक्य में प्रयोग:
- सः पठति। वह पढ़ता है।
- अहम् विद्यालयं गच्छामि। मैं विद्यालय जाता/जाती हूँ।
संज्ञा और सर्वनाम में अंतर
| संज्ञा | सर्वनाम |
| संज्ञा किसी व्यक्ति, वस्तु, स्थान या भाव का नाम बताती है। | सर्वनाम संज्ञा के स्थान पर प्रयोग किया जाता है। |
| संज्ञा का बार-बार प्रयोग करने से पुनरुक्ति (दोहराव) हो जाती है। जैसे: राम अच्छा लड़का है। राम प्रतिदिन विद्यालय जाता है। राम विद्यालय से वापस आता है। यहाँ राम (संज्ञा) का बार बार दोहराव हो रहा है जिससे वाक्य को बोलने में अच्छा नहीं लग रहा है। | सर्वनाम का प्रयोग पुनरुक्ति (दोहराव) से बचाने के लिए किया जाता है। जैसे: राम अच्छा लड़का है। वह प्रतिदिन विद्यालय जाता है। वह विद्यालय से वापस आता है। यहाँ राम (संज्ञा) का बार बार दोहराव नहीं हो रहा है जिससे वाक्य को बोलने में अच्छा लग रहा है। |
| संज्ञा वाक्य में स्पष्ट नाम बताती है। | सर्वनाम वाक्य को सरल और सुगम बनाता है। |
| उदाहरण: रामः, बालकः, पुस्तकम् | उदाहरण: सः, सा, अहम्, त्वम् |
विशेषण
परिभाषा – विशेषण वह शब्द होता है जो संज्ञा या सर्वनाम की विशेषता (गुण, संख्या, आकार, अवस्था आदि) बताता है।
उदाहरण:
- सः सुन्दरः बालकः अस्ति। वह सुन्दर बालक है।
(सुन्दर = विशेषण, बालकः = संज्ञा) - राम महान् राजा आसीत्। राम महान राजा थें।
(महान् = विशेषण, राजा = संज्ञा) - त्रयः छात्राः सन्ति। तीन छात्र हैं।
(त्रयः = विशेषण, छात्राः = संज्ञा) - सा चतुरा अस्ति। वह चतुर है।
(चतुरा = विशेषण, सा = सर्वनाम)
पहले वाक्य में संज्ञा ‘बालक’ की विशेषता ‘सुन्दर’ बताई गई है।
दूसरे वाक्य में संज्ञा ‘राजा’ की विशेषता ‘महान्’ बताई गई है।
तीसरे वाक्य में संज्ञा ‘छात्र’ की विशेषता ‘तीन’ (संख्या) बताई गई है।
चौथे वाक्य में सर्वनाम ‘वह’ की विशेषता ‘चतुर’ बताई गई है।