Category हिन्दी – संस्कृत

अध्याय 8 – संस्कृत में लिङ्ग परिचय

लिङ्ग परिभाषा – लिङ्ग का शाब्दिक अर्थ जाति अथवा पहचान होता है। व्याकरण की दृष्टि से लिङ्ग उस गुण को कहते हैं, जिसके द्वारा किसी शब्द की पहचान तथा उसकी जाति का बोध होता है।अर्थात् लिङ्ग से यह ज्ञात होता…

अध्याय 7 – संस्कृत वर्णमाला: वर्ण–संयोग और वर्ण–विच्छेद का सम्पूर्ण ज्ञान

वर्णमाला – किसी भी भाषा के सभी वर्णों के क्रमबद्ध समूह को वर्णमाला कहा जाता है। भाषा के समस्त शब्द और वाक्य इन्हीं वर्णों से निर्मित होते हैं। संस्कृत भाषा की वर्णमाला अत्यंत वैज्ञानिक और व्यवस्थित मानी जाती है। संस्कृत…

अध्याय 6 – संज्ञा, सर्वनाम तथा विशेषण का संक्षिप्त परिचय

संज्ञा परिभाषा: जिस शब्द से किसी व्यक्ति, वस्तु, स्थान, प्राणी या भाव का नाम पता चले, उसे संज्ञा कहते हैं। सरल शब्दों में:जो शब्द किसी का नाम बताए, वह संज्ञा है। उदाहरण: रामः (राम), बालकः (लड़का), पुस्तकम् (किताब), विद्यालयः (स्कूल),…

अध्याय 5 – हिन्दी से संस्कृत में अनुवाद करने का नियम

हमारे पास एक वाक्य है — (मैं पुस्तक पढ़ता हूँ।) इसे अनुवाद करने के लिए — 1. सबसे पहले यह देखें कि वाक्य में काम कौन कर रहा है। उदाहरण:मैं पुस्तक पढ़ता हूँ।कर्ता (कौन) → मैं = अहम् 2. अब…

अध्याय 4 – संस्कृत वाक्य रचना

वाक्य रचना वाक्य रचना का अर्थ है जिसमें एक कर्ता, एक क्रिया और (आवश्यक होने पर) एक कर्म। संस्कृत में भी वाक्य-रचना का मूल ढाँचा सरल और तर्कसंगत है। संस्कृत वाक्य का सामान्य क्रम है— (कर्ता + कर्म + क्रिया) (हालाँकि…

अध्याय 3 – वर्ण, शब्द एवं वाक्य का परिचय

मनुष्य अपने दैनिक जीवन में निरंतर भाषा का प्रयोग करता है। हम प्रतिदिन किसी से प्रश्न पूछते हैं, प्रश्नों के उत्तर देते हैं, किसी विषय पर जानकारी देते हैं, अनुमति लेते या देते हैं—ये सभी क्रियाएँ वाक्यों के माध्यम से…

अध्याय 2 – भाषा, व्याकरण एवं अनुवाद संक्षिप्त परिचय

भाषा क्या है? भाषा मनुष्य के विचारों, भावनाओं और भावों को व्यक्त करने का प्रमुख साधन है। इसके माध्यम से मनुष्य अपने विचार दूसरों तक पहुँचाता है तथा सामाजिक, सांस्कृतिक और बौद्धिक आदान-प्रदान करता है। भाषा ध्वनियों के व्यवस्थित रूप…

अध्याय 1 – देवनागरी लिपि का परिचय तथा उच्चारण का महत्व

देवनागरी लिपि का परिचय संस्कृत भाषा को लिखने के लिए देवनागरी लिपि का उपयोग किया जाता है। यह एक बहुत ही वैज्ञानिक, स्पष्ट और व्यवस्थित लिपि है। इसमें हर ध्वनि (आवाज़) के लिए एक निश्चित अक्षर होता है, इसलिए इसे…

संस्कृत सीखने की शुरुआत कहाँ से करें?

संस्कृत भाषा परिचय:- संस्कृत विश्व की प्राचीनतम भाषाओं में से एक है। “संस्कृत” शब्द का शाब्दिक अर्थ है — “परिष्कृत, शुद्ध और सुसज्जित भाषा”। हिंदी, बांग्ला, मराठी और गुजराती जैसी अनेक भारतीय भाषाएं संस्कृत से ही उत्पन्न हुई हैं। यहाँ…