अध्याय 8 – संस्कृत में लिङ्ग परिचय
लिङ्ग परिभाषा – लिङ्ग का शाब्दिक अर्थ जाति अथवा पहचान होता है। व्याकरण की दृष्टि से लिङ्ग उस गुण को कहते हैं, जिसके द्वारा किसी शब्द की पहचान तथा उसकी जाति का बोध होता है।अर्थात् लिङ्ग से यह ज्ञात होता है कि कोई शब्द किस जाति या वर्ग में आता है। संस्कृत मे लिङ्ग तीन … Read more