भाषा क्या है?
भाषा मनुष्य के विचारों, भावनाओं और भावों को व्यक्त करने का प्रमुख साधन है। इसके माध्यम से मनुष्य अपने विचार दूसरों तक पहुँचाता है तथा सामाजिक, सांस्कृतिक और बौद्धिक आदान-प्रदान करता है। भाषा ध्वनियों के व्यवस्थित रूप पर आधारित होती है और परंपरा तथा प्रयोग के माध्यम से विकसित होती है।
संक्षेप में कहा जा सकता है कि विचारों और भावों की अभिव्यक्ति का सुसंगठित माध्यम भाषा कहलाता है।
व्याकरण क्या है ?
व्याकरण भाषा को शुद्ध, स्पष्ट और व्यवस्थित रूप में प्रयोग करने का शास्त्र है। यह भाषा के शब्दों की रचना, उनके रूप, वाक्य में उनके प्रयोग तथा आपसी संबंधों का नियमबद्ध अध्ययन करता है।
व्याकरण के ज्ञान से भाषा में होने वाली अशुद्धियों का निवारण होता है और भाषा प्रभावशाली तथा अर्थपूर्ण बनती है।
अतः भाषा के शुद्ध और नियमबद्ध प्रयोग की विद्या को व्याकरण कहा जाता है।
अनुवाद क्या है ?
एक भाषा में व्यक्त विचारों को उसी अर्थ, भाव और भावार्थ के साथ दूसरी भाषा में प्रस्तुत करना अनुवाद कहलाता है। अनुवाद का उद्देश्य केवल शब्दों का परिवर्तन नहीं, बल्कि मूल भाव, संदर्भ और अर्थ को यथासंभव सुरक्षित रखते हुए दूसरी भाषा में व्यक्त करना होता है।
अच्छा अनुवाद वही माना जाता है जिसमें मूल भाषा का आशय, शैली और भाव स्पष्ट रूप से झलकता हो।
इस प्रकार एक भाषा की सामग्री को अर्थ की समानता के साथ दूसरी भाषा में रूपांतरित करना अनुवाद कहलाता है।